Awara Masiha

Just another Jagranjunction Blogs weblog

18 Posts

26 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 21401 postid : 896634

खुदा भी हैरान है!

Posted On: 3 Jun, 2015 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

यूँ इधर कुछ रोज से
खुदा भी हैरान है
रची थी आयते
जो उसने कभी
मनुष्य दे रहा
उन्हें भी चुनोतियाँ
न जाने किस घमंड में
नादान है बेफिक्र
छूकर चाँद को कर रहा
समुद्र सी अठखेलियाँ
शायद इधर कुछ रोज से
गुमराह है इन्सान भी
खुदा की हिदायतों को
दे रहा चुनोतियाँ!
कलाकृतियाँ जड़ी थी
जो उसने कभी
उनकी दे रहा कुर्बानियां
अतिक्रमण आकाशगंगा में
पहाड़ो का संकुचन
समेट कर नदियों को
कर रहा मनमानियां
रची थी आयतें
खुदा ने जो कभी
मनुष्य दे रहा
उन्हें भी चुनौतियाँ
चुनौतियाँ है कि
खत्म होती नहीं
नए भूखंड की
भूख ख़त्म होती नही
मनुष्य पैदा कैसे हुआ?
ये टीस ख़त्म होती नहीं
खुदा से भी बड़ा
हो जाये मनुष्य
कर रहा
ये सभी तैयारियां
रची थी आयतें
खुदा ने जो कभी
मनुष्य दे रहा
उन्हें भी चुनौतियाँ
मगर
उसकी बादशाहत
वो ही पहचाने
उसकी शरारत
भी वो ही जाने
हम तो बस इतना
पहचानते है
कि जब ख़त्म होती है
उसकी मेहरबानियाँ
तभी पड़ती है
मौसम की मार,
तभी आती हैं
सुनामी लहरें
और…तभी आती हैं
भूकंप से बरबादियाँ.

[मौलिक एवं अप्रकाशित रचना]

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (5 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran